Maa - Baap | माँ - बाप कविता

Maa - Baap | माँ-बाप

माँ-बाप
जो तुम्हे मरते दम तक प्यार करे वह माँ होती है,
जो तुम्हे अपनी आँखों में शिकन लाये बिना प्यार करे वह बाप होता है,
जो तुम्हे दुनियाँ में लाये वह माँ होती है,
जो तुम्हे दुनियाँ दिखाए वह बाप होता है,
जो तुम्हे रोटी खिलाये वह माँ होती है,
जो तुम्हे रोटी की कीमत सिखाये वह बाप होता है,
जो तुम्हारा ध्यान रखे वह माँ होती है,
जो तुम्हे ज़िम्मेदारियाँ सिखाये वह बाप होता है,
जो तुम्हे गिरने से बचाये वह माँ होती है,
जो तुम्हे गिर के उठना सिखाये वह बाप होता है,
जो तुम्हे चलना सिखाये वह माँ होती है,
जो तुम्हे ज़िन्दगी में चलना सिखाये वह बाप होता है,
जो तुम्हे अपना अनुभव बताये वह माँ होती है,
जो तुम्हे खुद की गलतियों से अनुभव लेना सिखाये वह बाप होता है,
जिसमे विचारधारा छलके वह माँ होती है,
जिसमे वास्तविकता छलके वह बाप होता है,
माँ के प्यार का एहसास तुम्हे बचपन से होता है,
बाप के प्यार का एहसास तुम्हे बाप बनने पे होता है ॥

" माँ-बाप भगवान् का आशीर्वाद होते है, हमेशा उनका आदर करे "

1 टिप्पणी:

  1. Mujhe bahut acche Lage yah padh Karenmain chahunga ki aap aise hi aur majedar majedar nahin karunga baat Dil ko chhu jaane wale kuch aise artical aap likhkar hain

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